*रणनीति के महारथी अब स्वयं राजनीति के मैदान में,पीएम मोदी सहित कई दलों के चाणक्य किशोर*

 

*किसान पुत्र की कलम से*

*वंदे मातरम स्वतंत्र आवाज़*

 

प्रशांत किशोर नरेंद्र मोदी से लेकर कई दलों के चुनावी चाणक्य, अब जन सुराज के साथ एक नया राजनीतिक अध्याय लिखने की तैयारी में!

 

राजनीति के मंच पर बहुत से नेता आते-जाते हैं,

लेकिन कुछ नाम रणनीति से इतिहास बदल देते हैं

ऐसे ही हैं प्रशांत किशोर (Prashant Kishor), जिन्हें पूरा भारत “PK” नाम से जानता है।

 

 

*रणनीति से शुरुआत, राजनीति तक का सफर*

 

बिहार के रोहतास ज़िले के एक छोटे से गाँव कोनार में 1977 में जन्मे प्रशांत किशोर ने

अपना करियर एक पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में United Nations के साथ शुरू किया।

 

लेकिन किस्मत उन्हें भारत के सबसे बड़े चुनावी अभियानों की तरफ ले गई।

 

 

*भारत के सबसे सफल चुनावी रणनीतिकार*

 

2012 – गुजरात विधानसभा चुनाव

पहली बार नरेंद्र मोदी जी के साथ काम किया और गुजरात में ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई।

 

2014 – लोकसभा चुनाव

BJP के लिए बनाया Citizens for Accountable Governance (CAG),

“चाय पे चर्चा”, “3D रैली”, और डिजिटल कैम्पेन जैसे नए प्रयोगों से भारतीय चुनावों का चेहरा बदल दिया।

 

2015 – बिहार चुनाव

Nitish Kumar और Lalu Prasad Yadav की महागठबंधन की रणनीति बनाई

और BJP को कड़ी हार का सामना करना पड़ा।

 

2017 – पंजाब में कांग्रेस

कांग्रेस को सत्ता में वापसी दिलाई।

 

2021 – पश्चिम बंगाल

Trinamool Congress (Mamata Banerjee) की जीत के पीछे भी प्रशांत किशोर की रणनीति रही।

 

उन्होंने हर बड़े राजनीतिक दल — BJP, JD(U), INC, TMC, AAP सभी के साथ काम किया, और हर बार देश के सियासी समीकरण बदले।

 

 

*I-PAC और जन सुराज – नया अध्याय*

 

प्रशांत किशोर ने अपनी टीम Indian Political Action Committee (I-PAC) बनाई,

जो अब भारत की सबसे चर्चित चुनावी रणनीति संस्था है।

 

2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती के दिन

उन्होंने बिहार से अपनी राजनीतिक पार्टी जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) की शुरुआत की।

 

उनका लक्ष्य “सत्ता नहीं, व्यवस्था बदलनी है।

जनता को शासन में सहभागी बनाना है।”

 

*अब रणनीतिकार नहीं, जनसेवक के रूप में भूमिका*

 

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट कहा है — “अब मैं किसी पार्टी का रणनीतिकार नहीं बनूंगा,

बल्कि बिहार और देश में राजनीति को स्वच्छ और सहभागी बनाऊंगा।”

 

 

जन सुराज के तहत उन्होंने बिहार के हर जिले में जनसंवाद यात्रा की,

जहाँ वे सीधे नागरिकों से संवाद कर रहे हैं

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन जैसे मुद्दों पर।

 

 

*भविष्य की राजनीति का नया चेहरा?*

 

रणनीति से सत्ता तक,

नीति से परिवर्तन तक

प्रशांत किशोर का यह सफर सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं,

बल्कि नई सोच की शुरुआत है।

 

अब देखना यह है कि

क्या चुनावी रणनीति से जीत दिलाने वाले PK,

अपने स्वयं के जन सुराज को भी जीत दिला पाएंगे?

 

 

लेखक का मत

प्रशांत किशोर भारतीय राजनीति में विचार और कार्य दोनों के स्तर पर बदलाव का प्रतीक हैं।

जहाँ अधिकांश नेता सत्ता की चाह रखते हैं,

वहीं PK व्यवस्था परिवर्तन की बात करते हैं,सबसे बेहतर बिहार की दृष्टी से उनका चुनावी नारा लगता हैं शिक्षा और रोजगार

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