Comptroller and Auditor General of India (CAG) की हालिया रिपोर्ट में Dehradun स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर कई गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई प्रोजेक्ट या तो अधूरे हैं या फिर उनका कोई खास उपयोग नहीं हो रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्ट सिटी के तहत बनाए गए कई इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्रोजेक्ट्स जमीन पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए। कुछ प्रोजेक्ट्स तो ऐसे हैं जिन पर भारी बजट खर्च हुआ लेकिन वे या तो तकनीकी खामियों के कारण बेकार हो गए या उनका सही तरीके से इस्तेमाल ही नहीं हो रहा।
मुख्य आरोप:
बिना ठोस योजना के प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में भारी लापरवाही
समय पर काम पूरा नहीं हुआ
पारदर्शिता की कमी और फंड के इस्तेमाल पर सवाल
रिपोर्ट के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं और एक्टिविस्ट्स ने सरकार से मांग की है कि भविष्य में किसी भी नए प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले उसकी पूरी प्लानिंग, बजट और उपयोगिता पर गंभीरता से विचार किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो स्मार्ट सिटी का सपना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अभी भी ट्रैफिक, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की समस्या बनी हुई है, जबकि स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों खर्च किए जा चुके हैं।
