रुद्रपुर/जनपद मुख्यालय।
जिला स्तरीय बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। तय समय पर बैठक शुरू होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण विभागों के अफसर मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे आक्रोशित जनप्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
बताया जा रहा है कि बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा, पेयजल, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी थी। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर वे लगातार प्रशासन को अवगत कराते रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी बैठक में उपस्थित होकर जवाब देने के बजाय अनुपस्थित रहे, जो जनता के प्रति उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
“जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा”
कुछ जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में सड़कें जर्जर हालत में हैं, पेयजल आपूर्ति बाधित है और कई योजनाएं कागजों तक सीमित हैं। ऐसे में समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अफसरों का न आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनभावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
ज्ञापन सौंपने की चेतावनी
नाराज जनप्रतिनिधियों ने बैठक कक्ष से बाहर आकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि यदि भविष्य में भी इसी तरह की लापरवाही रही तो वे जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तर पर शिकायत करेंगे। कुछ प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए और जवाबदेही तय की जाए।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारी पूर्व निर्धारित शासकीय कार्यों और आकस्मिक बैठकों के कारण उपस्थित नहीं हो सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पुनः बैठक आयोजित कर सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
हालांकि, जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान और अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
