
देहरादून।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करन ने कहा कि पहाड़ आज भी पलायन, बेरोज़गारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार इन पर गंभीर नहीं है।
करन ने कहा कि पहाड़ के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, गांव खाली हो रहे हैं और अस्पतालों में डॉक्टर तक नहीं हैं। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है। कांग्रेस अब इन मुद्दों को लेकर चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस पहाड़ से लेकर राजधानी तक आंदोलन करेगी और जनता की आवाज़ सरकार तक पहुंचाई जाएगी। करन ने साफ कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, बल्कि पहाड़ के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई है।
करन ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पहाड़ के साथ सौतेला व्यवहार किया है। विकास के नाम पर सिर्फ मैदानी इलाकों को तरजीह दी जा रही है, जबकि पहाड़ी क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
कांग्रेस नेता ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और आंदोलन को जन आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि जब तक पहाड़ को उसका हक नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
