
उत्तराखंड क्रांति दल ने पार्टी के नाम और पहचान के कथित दुरुपयोग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। दल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कमल जोशी द्वारा स्वयं को उत्तराखंड क्रांति दल से जोड़ते हुए पार्टी के नाम का उपयोग किया गया, जिसे संगठन ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
पार्टी का कहना है कि बिना किसी अधिकृत अनुमति के पार्टी के नाम, प्रतीक और पहचान का प्रयोग न केवल संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह पार्टी संविधान का उल्लंघन भी है। इसी को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने कमल जोशी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कमल जोशी तीन दिवस के भीतर यह बताएं कि उन्होंने किस अधिकार और उद्देश्य से पार्टी के नाम का उपयोग किया। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि समयसीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड क्रांति दल ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पार्टी के नाम और विचारधारा का दुरुपयोग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन की गरिमा, अनुशासन और वैचारिक स्पष्टता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
