देहरादून। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 9.57 लाख लाभार्थियों को कुल ₹141.91 करोड़ की सहायता राशि वितरित की गई है। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि योजनाओं का लाभ दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक शत-प्रतिशत पहुंचाया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, कृषि प्रोत्साहन और महिला सशक्तिकरण योजनाओं के अंतर्गत यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई है। अधिकारियों को लाभार्थियों की सूची का सत्यापन कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष फोकस
सरकार ने जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीमांत और दुर्गम गांवों में विशेष शिविर लगाकर पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाए। कई बार जानकारी के अभाव या तकनीकी कारणों से पात्र लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। इसे देखते हुए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर योजनाओं की प्रगति की मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही, शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।
पारदर्शिता और निगरानी के निर्देश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाभार्थियों के सत्यापन, बैंक खातों की जांच और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि आगामी महीनों में कवरेज बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ समय पर पहुंचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
लाभार्थियों में खुशी
सहायता राशि मिलने के बाद लाभार्थियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन, छात्रवृत्ति और कृषि सहायता से लोगों को आर्थिक संबल मिला है।
सरकार ने दोहराया है कि जनहित सर्वोपरि है और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्राथमिकता है
