हरिद्वार।
औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में श्रम विभाग ने श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए सघन निरीक्षण अभियान चलाया। विभागीय अधिकारियों की टीम ने विभिन्न फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण कर उपस्थिति रजिस्टर, वेतन भुगतान अभिलेख, ईएसआई-पीएफ संबंधी दस्तावेज और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की बारीकी से पड़ताल की।
वेतन और उपस्थिति रजिस्टर की जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्रमिकों से सीधे बातचीत कर समय पर वेतन भुगतान, ओवरटाइम की दर और कार्य समय से संबंधित जानकारी ली। कई इकाइयों में दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गईं, जिन पर प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सुरक्षा मानकों में खामियां
कुछ फैक्ट्रियों में श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण—जैसे हेलमेट, ग्लव्स और मास्क—पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं पाए गए। अग्निशमन उपकरणों की वैधता और आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति भी जांची गई। संबंधित इकाइयों को तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए गए हैं।
श्रमिकों के अधिकारों पर सख्ती
श्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। न्यूनतम वेतन अधिनियम, बोनस अधिनियम और अन्य श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करना हर औद्योगिक इकाई की जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान रहेगा जारी
अधिकारियों के अनुसार यह निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की टीमें समय-समय पर औचक निरीक्षण कर कानूनों के अनुपालन की समीक्षा करेंगी।
प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक विकास और श्रमिक हित—दोनों को समान प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान प्रशासन का सहयोग करें, ताकि क्षेत्र में शांति, व्यवस्था और विकास का संतुलन बना रहे।
