दुष्यंत कुमार गौतम को लेकर इन दिनों उत्तराखंड की राजनीति में एक नया सवाल उठने लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही दो तस्वीरों को लेकर लोग कह रहे हैं— “बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते… आखिर देरी की वजह क्या है?”

राज्य की जनता और विपक्षी नेताओं का कहना है कि प्रदेश में कई मुद्दे लगातार चर्चा में हैं, लेकिन पार्टी के केंद्रीय प्रभारी की सक्रियता काफी देर से दिखाई दी। यही वजह है कि अब लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे गर्म थे, तब केंद्रीय नेतृत्व की ओर से तुरंत हस्तक्षेप क्यों नहीं हुआ।

जनता के सवालों के केंद्र में उत्तराखंड की राजनीति

पुष्कर सिंह धामी की सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, बेरोज़गारी और विभिन्न घोटालों जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर रहा है। ऐसे में पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की सक्रियता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में यह संदेश दिया जा रहा है कि जब जनता कई समस्याओं को लेकर आवाज उठा रही थी, तब नेतृत्व की तरफ से समय रहते प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।

विपक्ष ने भी साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी को लेकर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में कई अहम मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व की ओर से स्पष्ट बयान और कार्रवाई देर से देखने को मिली।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड में आने वाले समय में होने वाले चुनावों को देखते हुए पार्टी संगठन अब तेजी से सक्रिय होता दिख रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें

इन दिनों फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर दो तस्वीरें तेजी से शेयर की जा रही हैं, जिनमें लिखा गया है —

“बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते… कारण बताओ।”

इन तस्वीरों के जरिए लोग प्रदेश प्रभारी से सवाल पूछते नजर आ रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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