मरचूला (उत्तराखंड)

उत्तराखंड के मरचूला से भैरघाट को जोड़ने वाला मोटर मार्ग इन दिनों गंभीर लापरवाही और अव्यवस्थाओं के चलते हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। इस सड़क पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों और यात्रियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

लगातार हादसों से बढ़ी चिंता

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। कई बार वाहन गहरी खाई में गिरने से गंभीर चोटें और मौतें तक हो चुकी हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

क्रैश बैरियर लगाने में भारी लापरवाही

सबसे गंभीर आरोप यह है कि सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए क्रैश बैरियर गलत स्थानों पर लगाए गए हैं।

जहां इनकी वास्तविक जरूरत थी — जैसे तीखे मोड़, खाई के किनारे और संकरी सड़कें — वहां या तो बैरियर हैं ही नहीं या बेहद कम हैं।

यह स्थिति सीधे तौर पर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

सुरक्षा संकेतों का भी अभाव

मार्ग पर कई खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी संकेत (Sign Boards) तक नहीं लगाए गए हैं।

रात के समय या खराब मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

सड़क की हालत भी जिम्मेदार

सड़क के कई हिस्से बेहद संकरे हैं, जहां दो वाहनों का पास होना भी मुश्किल हो जाता है।

ऐसे स्थानों पर न तो चौड़ीकरण किया गया है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

जनता का फूटा गुस्सा, सौंपा गया ज्ञापन

इन समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

जहां आवश्यकता है, वहां तुरंत क्रैश बैरियर लगाए जाएं

खतरनाक और संकरी सड़कों का जल्द चौड़ीकरण किया जाए

दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी संकेत लगाए जाएं

सबसे बड़ा सवाल

हर हादसे के बाद विभाग क्या ठोस कदम उठा रहा है?

क्या केवल जांच और औपचारिकताएं ही होंगी, या वास्तव में लोगों की जान बचाने के लिए कोई ठोस कार्यवाही भी की जाएगी?

समय रहते कार्रवाई जरूरी

यदि समय रहते इस मार्ग पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले समय में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी

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