हरिद्वार/वाराणसी। प्रसिद्ध संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ नाबालिग से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया है। न्यायालय ने पुलिस को POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग से जुड़े प्रकरण में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
पुलिस की तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए जल्द ही मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच उच्चाधिकारियों की निगरानी में की जाएगी।
समर्थकों और विरोधियों की प्रतिक्रिया
आदेश सामने आने के बाद संत के समर्थकों और विरोधियों में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों ने आरोपों को निराधार बताया है, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब शिकायत, साक्ष्य और बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो सख्त कानूनी कार्रवाई संभव है।
नोट: मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
