सितारगंज। रनसाली रेंज क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर खनन माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को वन दरोगा नंद किशोर पांडे, वन आरक्षी शक्ति सिंह, वन बीट अधिकारी भूपेंद्र कुमार और सूरज सिंह कार्की आरक्षित वन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान कैलाश नदी के किनारे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अवैध खनन सामग्री भरी जा रही थी।

वन विभाग की टीम ने जब अवैध खनन कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने ट्रैक्टर से टीम को कुचलने की कोशिश की। इस दौरान खनन माफियाओं ने वनकर्मियों के साथ हाथापाई भी की, जिसमें कई वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल कर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने का दावा किया है। सीओ बीएस धौनी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हालांकि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश व्याप्त है।

पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं कि आखिर कब तक आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचते

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