गदरपुर। क्षेत्र के धान और गन्ना उत्पादक किसानों ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और फसल भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और उन्होंने एक स्वर में कहा कि समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना था कि धान और गन्ना जैसी नकदी फसलों की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, कीटनाशक और डीजल की कीमतों में इजाफे के कारण उत्पादन खर्च बढ़ गया है, लेकिन उसके अनुपात में लाभ नहीं मिल पा रहा। किसानों ने मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के साथ-साथ भुगतान प्रक्रिया को भी पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
बैठक में कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं, जिससे फसल की तौल और भुगतान में देरी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान निकालने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
मौके पर मौजूद कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही एक संयुक्त बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक के अंत में किसानों ने एक ज्ञापन तैयार कर प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया, जिसमें समर्थन मूल्य, समय पर भुगतान और खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग प्रमुख रूप से शामिल की गई है।
