देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का आगामी बजट सत्र इस बार उत्तराखंड बजट सत्र में कांग्रेस के आक्रामक तेवर, हंगामेदार रहने के आसारकाफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, साथ ही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं जैसे मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

कांग्रेस विधायकों की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने के लिए वे सत्र के दौरान आक्रामक रुख अपनाएंगे। पार्टी के नेताओं का कहना है कि जनता से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाबदेह बनाना विपक्ष का कर्तव्य है और इस बार सदन में इन विषयों पर गंभीर चर्चा की मांग की जाएगी।

कई जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में कई विकास योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं और युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, सड़कों की खराब स्थिति और पलायन जैसे मुद्दों को भी विपक्ष प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रहा है।

विपक्षी नेताओं के अनुसार, राज्य में हाल के वर्षों में सामने आए भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मामलों पर भी सरकार से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए इन मामलों की पारदर्शी जांच जरूरी है।

सरकार भी जवाब देने को तैयार

वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि बजट सत्र में विपक्ष के हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि राज्य में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं और बजट में भी जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए जाएंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। ऐसे में सदन के भीतर राजनीतिक गर्माहट बढ़ने और कई मुद्दों पर हंगामे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

विकास और आर्थिक योजनाओं पर भी रहेगी नजर

बजट सत्र के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति, नई विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों के लिए बजट आवंटन पर भी विशेष चर्चा होने की संभावना है। सरकार जहां अपने विकास कार्यों और योजनाओं को सदन के सामने रखेगी, वहीं विपक्ष इन योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रभाव पर सवाल उठा सकता है।

ऐसे में उत्तराखंड विधानसभा का यह बजट सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, जिसमें राज्य के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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