रिपोर्ट — वंदे मातरम् स्वतंत्र आवाज़
भिकियासैंण (अल्मोड़ा), 9 नवंबर 2025

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर जब सरकार देहरादून में रजत जयंती का जश्न मना रही है, उसी वक्त भिकियासैंण के लोग स्वास्थ्य अधिकार के लिए सड़क पर उतर आए हैं।
यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आज से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया , जिसके बाद प्रशासन ने आंदोलनकारियों को रामलीला मैदान बैठा दिया

आंदोलन का नेतृत्व कुसुम लता बौड़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलेगा —
पहले चरण में धरना और क्रमिक अनशन शुरू किया गया है, और यदि सरकार ने शीघ्र सुनवाई नहीं की तो आंदोलनकारी आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे।

कुसुम लता बौड़ाई ने कहा —

> “राज्य स्थापना के 25 वर्षों बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
जब मौलिक अधिकार ही सुरक्षित नहीं, तो कागजी विकास गया गड्ढे में!
आज रजत जयंती पर उत्सव मनाने की जगह आंदोलन करना ही सब कुछ कहता है।”



आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें हैं —

विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति

आवश्यक स्टाफ (नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट आदि)

अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी जैसी सुविधाएं

स्वास्थ्य केंद्र को मानक अनुरूप विकसित करना

Right to Health Bill लागू कर स्वास्थ्य को नागरिक अधिकार बनाना


ग्रामीणों का कहना है कि सरकार अगर शीघ्र संज्ञान नहीं लेती तो यह संघर्ष पूरे कुमाऊँ में फैल जाएगा।
स्थानीय संगठनों और किसान मंच ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

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