धर्मेन्द्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण: राष्ट्रपति भवन में भावुक हुआ देओल परिवार, हेमा मालिनी ने ग्रहण किया सम्मान
नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम अध्यायों में अपना नाम अमिट अक्षरों में दर्ज कराने वाले दिग्गज अभिनेता Dharmendra को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य पद्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने यह सम्मान उनकी पत्नी एवं वरिष्ठ अभिनेत्री Hema Malini को प्रदान किया। यह क्षण केवल देओल परिवार ही नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए भी भावनात्मक बन गया।
समारोह के दौरान जैसे ही धर्मेन्द्र का नाम मंच से पुकारा गया, पूरे हाल में तालियों की गूंज सुनाई देने लगी। हेमा मालिनी ने मंच पर पहुंचकर सम्मान ग्रहण किया, जबकि उनकी बेटी Ahana Deol की आंखें नम दिखाई दीं। सोशल मीडिया पर समारोह की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां लोग धर्मेन्द्र को “भारतीय सिनेमा का अमर सितारा” बता रहे हैं।
धर्मेन्द्र केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय जनमानस की भावनाओं का चेहरा थे। गांव की मिट्टी से निकलकर बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल होने तक का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और लोकप्रियता की मिसाल माना जाता है। उन्होंने अपने छह दशक लंबे करियर में एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और गंभीर अभिनय—हर शैली में खुद को साबित किया।
‘शोले’ में वीरू, ‘चुपके चुपके’ में प्रोफेसर परिमल त्रिपाठी, ‘फूल और पत्थर’ में मजबूत किरदार और ‘सत्यकाम’ जैसी फिल्मों में गंभीर अभिनय ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बहुआयामी अभिनेताओं में शामिल कर दिया। उनकी फिल्मों के संवाद, अंदाज और मुस्कान आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं।
धर्मेन्द्र का नवंबर 2025 में निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। बॉलीवुड, राजनीति और सामाजिक जगत की तमाम हस्तियों ने उन्हें भारतीय सिनेमा का “युग” बताया था। अब मरणोपरांत मिला पद्म विभूषण उनके योगदान को राष्ट्रीय सम्मान के रूप में हमेशा के लिए अमर कर गया है।
यह सम्मान केवल एक अभिनेता को दिया गया पुरस्कार नहीं, बल्कि उस दौर को श्रद्धांजलि है जिसने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी। धर्मेन्द्र भले आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों, किरदारों और यादों के जरिए वह हमेशा करोड़ों दिलों में जीवित रहेंगे।
