नई दिल्ली/लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जल्द ही संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि संघ अपने पारंपरिक ‘प्रांत’ मॉडल को समाप्त कर नई प्रशासनिक संरचना लागू करने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक, संघ अब अपने संगठन को 9 बड़े क्षेत्रों (Regions) और करीब 85 संभागों (Divisions) में बांटने की योजना पर काम कर रहा है। इस प्रस्तावित बदलाव का मकसद संगठनात्मक कामकाज को और अधिक तेज, प्रभावी और स्थानीय स्तर तक मजबूत बनाना बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड होंगे एक ही क्षेत्र में
नई प्रस्तावित संरचना में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को एक ही क्षेत्र में रखा जाएगा। इस क्षेत्र के भीतर उत्तर प्रदेश को 10 संभागों में विभाजित करने की योजना बताई जा रही है। इससे संघ के कार्यों को ज़मीनी स्तर तक बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव संघ की भविष्य की रणनीति और विस्तार योजना का हिस्सा हो सकता है। इससे संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और तेजी से निर्णय लेने की प्रक्रिया मजबूत होगी।
संगठन को आधुनिक ढांचे में ढालने की कोशिश
संघ लंबे समय से देशभर में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार बदलाव करता रहा है। मौजूदा समय में शाखाओं और सामाजिक गतिविधियों के बढ़ते विस्तार को देखते हुए नए ढांचे की जरूरत महसूस की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव पर संघ के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच चर्चा चल रही है और आने वाले समय में इसे औपचारिक रूप से लागू किया जा सकता है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि अभी तक इस बदलाव को लेकर संघ की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
