नई दिल्ली:

बीजेपी प्रवक्ता Sudhanshu Trivedi के एक बयान को लेकर सियासी हलकों में विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “एप्स्टीन फाइल्स में महात्मा गांधी का भी नाम है।” इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं और कई इतिहासकारों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

दरअसल, राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi की हत्या 30 जनवरी 1948 को हुई थी, जबकि कुख्यात अमेरिकी अपराधी Jeffrey Epstein का जन्म 20 जनवरी 1953 में हुआ था। इसी तथ्य को आधार बनाकर वरिष्ठ पत्रकार Rakesh Pathak ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जिस व्यक्ति का जन्म गांधी जी की हत्या के पाँच साल बाद हुआ, उसकी फाइलों में गांधी का नाम आने का दावा कैसे किया जा सकता है?”

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे इतिहास और तथ्यों की अनदेखी बताते हुए सत्तारूढ़ पार्टी की आलोचना की है। वहीं कुछ यूज़र्स का कहना है कि इस तरह के बयान राजनीतिक लाभ के लिए दिए जा रहे हैं, जिससे देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों की छवि को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा होता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक बहस में ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी हो रही है। फिलहाल इस बयान को लेकर बीजेपी की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

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