नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग की। शोर-शराबे के बीच कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही बाधित रही और बाद में विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

महंगाई और बेरोजगारी पर टकराव

विपक्षी सांसदों का आरोप था कि बढ़ती कीमतों और रोजगार के सीमित अवसरों ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। उनका कहना था कि सरकार को इन मुद्दों पर ठोस जवाब देना चाहिए और राहत उपायों की घोषणा करनी चाहिए। विपक्ष ने मांग की कि इस विषय पर नियमों के तहत अलग से चर्चा कराई जाए।

सरकार का पलटवार

सरकार की ओर से जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि देश के आर्थिक संकेतक मजबूत हैं और विकास दर स्थिर बनी हुई है। मंत्रियों ने दावा किया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और रोजगार सृजन के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं।

सत्ता पक्ष के सदस्यों ने यह भी कहा कि बजट में आम नागरिकों, युवाओं और किसानों के लिए कई सकारात्मक प्रावधान किए गए हैं, जिनका असर आने वाले समय में दिखाई देगा।

कार्यवाही रही बाधित

हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। पुनः कार्यवाही शुरू होने पर भी विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा और अंततः वॉकआउट कर दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान ऐसे मुद्दों पर बहस तेज होना स्वाभाविक है, लेकिन लगातार हंगामे से विधायी कार्य प्रभावित होता है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच इन मुद्दों पर और तीखी बहस होने के आसार हैं।

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