बागेश्वर।
कपकोट–दानपुर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले शिक्षाविद्, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कमल कोरंगा की दूसरी पुस्तक The History of Buddhism in India शीघ्र ही प्रकाशित होकर पाठकों के बीच उपलब्ध होगी। इससे पूर्व उनकी पहली पुस्तक “दानपुर का सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास” क्षेत्रीय इतिहास लेखन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई थी, जिसे पाठकों, शोधार्थियों और बुद्धिजीवियों द्वारा व्यापक सराहना मिली।
डॉ. कमल कोरंगा की पहली पुस्तक में दानपुर परगना के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं ऐतिहासिक विकास का विस्तृत और प्रामाणिक वर्णन किया गया है। पुस्तक के माध्यम से पाठकों को न केवल दानपुर क्षेत्र की प्राचीन सामाजिक संरचना की जानकारी मिलती है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्षेत्र की भूमिका और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय रहे आंदोलनकारियों के योगदान का भी क्रमबद्ध विवरण मिलता है। यह कृति स्थानीय इतिहास के संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए दस्तावेजी संदर्भ के रूप में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. कोरंगा निरंतर सक्रिय रहते हुए बागेश्वर में युवाओं के लिए एक पुस्तकालय का सफल संचालन कर रहे हैं। यह पुस्तकालय प्रतियोगी परीक्षाओं, शोध और सामान्य अध्ययन के लिए छात्रों के बीच एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। बागेश्वर महाविद्यालय के अधिकांश छात्र-छात्राएँ उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे हैं और उनके मार्गदर्शन से लाभान्वित हो रहे हैं।
सामाजिक क्षेत्र में भी डॉ. कमल कोरंगा की सहभागिता उल्लेखनीय रही है। वे विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उनकी सादगी, शालीनता, सकारात्मक सोच और समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ही उनकी पहचान मानी जाती है। वर्तमान में उनकी धर्मपत्नी मिसेज कोरंगा शामा क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में जनसेवा करते हुए क्षेत्र के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
डॉ. कमल कोरंगा की आगामी पुस्तक The History of Buddhism in India भारतीय बौद्ध इतिहास, दर्शन और सांस्कृतिक प्रभावों पर केंद्रित होगी। इतिहास, समाजशास्त्र और दर्शन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होने की उम्मीद है। क्षेत्र के शिक्षाविदों, साहित्यकारों और सामाजिक संगठनों ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।
