अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग को लेकर देहरादून में जनसैलाब, समस्त राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने किया मुख्यमंत्री आवास कूच

प्रेस विज्ञप्ति

देहरादून |
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आज देहरादून में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। सीबीआई जांच की मांग को लेकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में “अंकिता को न्याय दो” और “सीबीआई जांच लागू करो” के नारों से माहौल गूंज उठा।

वही देहरादून से हटकर कुमाऊँ के चौखुटिया, भिकियासैंण और सल्ट समेत कई क्षेत्रों में जनता सड़कों पर उतरी और न्याय की पुरज़ोर मांग की।

वहीं रुद्रपुर मुख्यालय में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कांग्रेस पार्टी के साथ एक दिवसीय धरना देकर स्पष्ट संदेश दिया कि यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि न्याय और सच की है।

इसी क्रम में दिनेशपुर में उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) की रैली के दौरान वीआईपी की गिरफ्तारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए और सरकार की मंशा पर जनता ने खुलकर नाराज़गी जाहिर की।

आज प्रदेश की तस्वीर साफ है—
सभी राजनीतिक दल, संगठन और आम जनता इस वक्त केवल और केवल “न्याय” की मांग को लेकर एकजुट हैं।
यह आंदोलन किसी पार्टी का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा की आवाज़ है।

सरकार से स्पष्ट अपेक्षा है कि वह दबाव, प्रभाव और सत्ता के संरक्षण से ऊपर उठकर
निष्पक्ष जांच, वीआईपी की गिरफ्तारी और पीड़ित को न्याय सुनिश्चित करे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अब तक की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं और प्रभावशाली लोगों को बचाने की आशंका से जनता का भरोसा टूटा है। ऐसे में निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई जांच बेहद आवश्यक है।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने और सरकार को जवाबदेह बनाने की लड़ाई है। वक्ताओं ने राज्य सरकार पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शीघ्र सीबीआई जांच की घोषणा नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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