देहरादून। प्रदेश के शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस निर्णय के चलते स्कूलों और कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। संगठनों का कहना है कि कई बार ज्ञापन और वार्ता के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि वे वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती जैसी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है।

कार्य बहिष्कार के पहले दिन शिक्षकों ने जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों से संवाद के प्रयास जारी हैं और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

दो दिवसीय कार्य बहिष्कार के कारण विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही कई विभागों में आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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