उत्तराखंड प्रदेश में राजकीय शिक्षक सड़कों पर,मुख्यमंत्री धामी मुर्दाबाद के नारों की गूंज

  • *वंदे मातरम स्वतंत्र आवाज़*
    देहरादून।
    उत्तराखंड की राजधानी आज शिक्षकों के ग़ुस्से का केंद्र बनी। राजकीय शिक्षक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षक प्रिंसिपल सीधी भर्ती का विरोध और पदोन्नति व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान पूरे शहर में गूंजे नारे—
    “मुख्यमंत्री धामी मुर्दाबाद”, “मुख्यमंत्री होशियार– शिक्षा मंत्री है बेकार”, “होश में आना होगा, वरना वापस जाना होगा”।

शिक्षकों का हल्ला बोल

शिक्षक संघ के नेताओं का कहना है कि सरकार उनके हक और सम्मान से खिलवाड़ कर रही है। सीधी भर्ती से न सिर्फ उनके अधिकार छिनेंगे बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी कमजोर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज़ होगा।

पुलिस की सख्ती, शिक्षकों का आरोप

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से देहरादून आते समय पुलिस ने कई जगह शिक्षकों को रोका। बसों की तलाशी लेकर कई शिक्षकों को जबरन उतारा गया। इसे लेकर शिक्षक बेहद नाराज़ दिखे। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रणाली की हत्या और शिक्षक समाज का अपमान है।

सरकार पर बढ़ा खतरा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले से ही कभी बेरोज़गार छात्रों, कभी उपनल कर्मियों और यहां तक कि अपने ही नेताओं के निशाने पर रहे हैं। अब शिक्षकों का यह खुला विरोध साफ़ इशारा करता है कि धामी सरकार का राजनीतिक समय प्रदेश में ठीक नहीं चल रहा।

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