हल्द्वानी।

नगर व्यापार संघ बागेश्वर से जुड़े विवाद में उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेशों की कथित अवहेलना और सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कवि जोशी ने सोमवार 12 जनवरी 2026 से उप प्रबंधक कार्यालय में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

कवि जोशी का आरोप है कि उन्होंने 17 जुलाई 2025 और 24 जुलाई 2025 को दर्ज कराई गई शिकायतों का अब तक निस्तारण नहीं किया गया। जबकि 4 अगस्त 2025 को माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने उनकी अपील पर चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उप प्रबंधक कार्यालय ने मामले को प्रदेश कमेटी प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड को सौंपते हुए 18 अगस्त 2025 को साधारण सभा की बैठक कराने का आदेश दिया, जो आज 18 सितंबर 2025 तक भी नहीं हुई।

जोशी का यह भी कहना है कि बागेश्वर में नगर व्यापार संघ के चुनाव निर्धारित किए गए, जिनमें उन्हें चुनाव लड़ने से वंचित करने की साजिश रची गई। 18 सितंबर 2025 को न्यायालय द्वारा पुनः सोसायटी एक्ट 1860 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद लंबित होने के बावजूद विभाग द्वारा कानून के विरुद्ध प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड का पंजीकरण नवीनीकरण कर दिया गया, जबकि धारा 12 के तहत विवाद निस्तारण तक नवीनीकरण नहीं किया जा सकता।

कवि जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि 22 दिसंबर 2025 तक उन्हें न्याय नहीं मिला और अदालत में पेशी के दौरान विभागीय कर्मचारी द्वारा न्यायालय को गुमराह किया गया। इसके बाद 26 दिसंबर 2025 को कार्यालय में अनशन के दौरान उन्हें 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पत्रांक 317A /फ•सो•चि•/पत्रावली संख्या 2831 एच•ए• के तहत तय समयसीमा पूरी होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जोशी का कहना है कि सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 की धारा 12D के अंतर्गत कार्रवाई करना विभाग का कर्तव्य था, जिसे लगातार नजरअंदाज किया गया। इसी के विरोध में वे आमरण अनशन पर बैठे हैं।

अनशन स्थल पर कवि जोशी (निवर्तमान अध्यक्ष, व्यापार बागेश्वर), हरीश रावत (प्रदेश अध्यक्ष, पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड), राजेंद्र कांडपाल (जिलाध्यक्ष, पहाड़ी आर्मी नैनीताल), भुवन चंद्र पांडेय ‘प्रकाश वाचमी’, अंकुर उपाध्याय, मनोज भट्ट, विजय परिहार, पंकज लोहनी, आशीष अंडोला, गोलू मर्तोलिया सहित कई लोग मौजूद रहे।

अनशन को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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