चंपावत जिले के दूरस्थ गांव में बाघ की लगातार सक्रियता, वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग
चंपावत (उत्तराखंड):
जिले के देवीधुरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पीपलढ़ीग में इन दिनों बाघ की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते दो दिनों से बाघ को आबादी के नजदीक देखा जा रहा है, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दो दिन पहले एक बाघ ने गांव के पास एक गाय को अपना शिकार बना लिया था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीण सतर्क थे, लेकिन सोमवार को स्थिति और अधिक गंभीर हो गई, जब गांव के नजदीकी इलाके में दो बाघों की मौजूदगी देखी गई।
गांव के निवासी एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सूरज ने बताया कि बाघ की लगातार गतिविधियों के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा,
“गांव में छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग रहते हैं। ऐसे में हर समय खतरा बना हुआ है। लोग खेतों में जाने और रोजमर्रा के काम करने से भी डर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में वन विभाग को फोन के माध्यम से सूचना दे दी गई है, लेकिन अब तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत गश्त बढ़ाई जाए, ट्रैप कैमरे लगाए जाएं और बाघ को आबादी क्षेत्र से दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थिति किसी बड़ी जनहानि में बदल सकती है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि वन विभाग की प्रतिक्रिया धीमी है, जबकि खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल, गांव के लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं और प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
