सल्ट (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड की सल्ट विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी सामने आने लगी है। क्षेत्र के कई नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि विधानसभा में सवाल तो उठा रहे हैं, लेकिन धरातल पर विकास कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले करीब 15 वर्षों में कई परियोजनाओं की घोषणाएं तो बार-बार हुईं, लेकिन कई योजनाएं अब तक पूरी नहीं हो पाई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एक प्रमुख सड़क की घोषणा सात बार हो चुकी है, लेकिन आज तक उस पर काम शुरू नहीं हो पाया।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं हुआ है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर केवल घोषणाएं होती रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर बदलाव बहुत कम दिखाई देता है।

अस्पताल व्यवस्था पर भी उठे सवाल

क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि देवायल अस्पताल में सुविधाएं सीमित हैं और कई बार मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों में भेजना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और जरूरी सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है।

विधानसभा में सवाल, लेकिन विकास की उम्मीद

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता से जुड़े मुद्दे उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, लोगों का कहना है कि सिर्फ सवाल उठाने से ही काम पूरा नहीं होता, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारना भी उतना ही जरूरी है।

क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक चर्चा

इन मुद्दों को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। स्थानीय लोग अब चाहते हैं कि आने वाले समय में सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर ठोस काम हो, ताकि क्षेत्र के लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि अब घोषणाओं से ज्यादा उन्हें काम का इंतजार है। अगर विकास कार्यों में तेजी नहीं आई, तो आने वाले समय में यह मुद्दा क्षेत्र की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है।

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