हल्द्वानी। उत्तराखंड जल निगम के कार्मिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों की मुख्य मांग जल निगम को पूर्ण रूप से राजकीय विभाग घोषित करने की है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि निगम का स्वरूप अर्ध-सरकारी होने के कारण उन्हें वेतनमान, पेंशन, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों में असमानता का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि लंबे समय से सरकार को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से वार्ता का आश्वासन दिया गया है, लेकिन कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
