मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज समाधि मंदिर स्थापना समारोह में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले उत्तर प्रदेश में व्यवस्था को कोसा जाता था। आज आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश आगे बढ़ा है।
समाधि मंदिर स्थापना समारोह में लोकार्पण करने हरिद्वार पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से संत परंपरा में शिष्य और गुरु की महत्ता और इसके संवाहकों की प्रशंसा की।
उन्होंने संत परंपरा से सत्ता के संवाहक बनीं शक्तियों का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व के हालात पर चर्चा की और वर्तमान परिदृश्य को भी रखा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दंगा, गुंडा, डंडा मुक्त उत्तर प्रदेश में अब सब चंगा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले उत्तर प्रदेश में व्यवस्था को कोसा जाता था। आज आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश आगे बढ़ा है। रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं, रामभक्तों को अपमानित किया जाता था। न बेटी सुरक्षित थी न व्यापारी सुरक्षित था। आज सब में बदलाव है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर ही रामराज्य की परिकल्पना की पहली शुरुआत है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माघ मेला जो कभी कल्पवासियों का मेला होता था आज वहां पौष पूर्णिमा से लेकर अब तक 21 करोड़ श्रद्धलु त्रिवेणी में डुबकी लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले लूट आधारित तंत्र उत्तर प्रदेश में था। प्रदेश में अब अराजकता, दंगे फसाद नहीं हैं।
आज किसान वास्तव में अन्नदाता बन गया है। कामगार, कारीगर स्वरोजगार से जुड़ गए, यही ग्राम स्वरोजगार की अवधारण को दर्शाता है। स्वरोजगार भारत का मूल था आज फिर से उसी पुरानी परंपराओं से देश को जोड़ा जा रहा है। ग्राम स्वराज की परिकल्पना को फिर से साकार किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। राज्य आज विकास के आयाम लिख रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री के निर्देशन में विकास और विरासत को संजोकर कार्य कर रहे हैं। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को बधाई भी दी।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे महामंडलेश्वर डॉ. हरिचेतनानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधन के लिए आमंत्रित करते उन्हें राष्ट्र का भविष्य कहकर संबोधित किया। इस पर सामने बैठे संत, महंत जय श्रीराम का उद्घोष करने लगे।
