वसंत पंचमी के अवसर पर चमोली के सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर में मां नंदा की बड़ी जात का दिनपट्टा (आयोजन की तिथि तय करना) तय किया गया। मां नंदा ने अपने अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर इसी साल कैलाश जाने की इच्छा जताई। इसके बाद गौड़ ब्राह्मणों ने बड़ी जात के आयोजन की तिथि घोषित की। मां नंदा की बड़ी जात 5 सितंबर 2026 से शुरू होगी और इसकी यात्रा कार्यक्रम लगभग 21 दिनों का होगा। यात्रा समिति ने तैयारियों का काम भी शुरू कर दिया है।

असल में उत्तराखंड में 12 साल में एक बार होने वाली ऐतिहासिक “नंदा देवी राजजात” यात्रा 2026 के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन इसे स्थगित कर 2027 में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस कारण से कुछ समुदायों ने इस वर्ष की यात्रा को “बड़ी जात” का नाम देकर अलग रूप में आयोजित करने का फैसला किया है।

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